✍️ गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को पसरखेत में बाला मॉडल के तहत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत कोरबा के सीईओ खगेश निर्मलकर को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक चरण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अनुकूल शिक्षण-सीखने के वातावरण को ध्यान में रखते हुए बाला मॉडल के सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान दिनेश नाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारी, उप अभियंता, ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि कार्य निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण किया जाएगा।
क्या है बाला मॉडल?
बाला मॉडल एक बाल-केन्द्रित शिक्षण अवधारणा है, जिसमें भवन और उसके परिसर को ही सीखने का माध्यम बनाया जाता है। इस मॉडल में रंग, आकार, चित्र, चार्ट, गतिविधियों, खेलों और स्थानीय संदर्भों का उपयोग कर ऐसा वातावरण तैयार किया जाता है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख सकें।

देश दर्पण न्यूज़ 24×7 – खबरों का सटीक दर्पण।
यहाँ पाएँ ब्रेकिंग न्यूज़, ग्राउंड रिपोर्ट, एक्सक्लूसिव स्टोरी और फैक्ट-चेक — सबसे तेज़ और सबसे पहले।
हम लाते हैं भरोसेमंद जानकारी, ताकि आप रहें हर पल अपडेट।




