✍️ **कोरबा।** कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन योजना के अंतर्गत एग्रीस्टैक प्रोजेक्ट को लागू किया जा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से देशभर के किसानों की भूमि का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
योजना के तहत प्रत्येक खसरे के लिए फार्म आईडी तथा प्रत्येक किसान के सभी खसरों को मिलाकर 11 अंकों का यूनिक फार्मर आईडी तैयार किया जाना अनिवार्य किया गया है। इससे किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता के साथ मिल सकेगा।
किसान एग्रीस्टैक पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा वे सहकारी समितियों के एग्रीस्टैक लॉगिन या नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से भी खसरा जोड़ सकते हैं। पंजीकरण के लिए ऋण पुस्तिका या बी-1, आधार कार्ड तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक है।
एग्रीस्टैक पोर्टल में फार्मर आईडी बनवाना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए जरूरी है।
किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए कोटवारों द्वारा मुनादी कराई जा रही है। साथ ही ग्राम पंचायतों और सहकारी समितियों में लंबित किसानों की सूची चस्पा की जा रही है। कृषक मित्रों के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी भी दी जा रही है।
कृषि एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले और सीएससी संचालकों के सहयोग से राजस्व पखवाड़ा के तहत विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकरण की सुविधा दी जा रही है।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कई पात्र लाभार्थियों की अब तक फार्मर आईडी नहीं बन सकी है। ऐसे में सभी पात्र किसानों से अपील की गई है कि वे शिविरों में पहुंचकर जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवाएं, ताकि योजनाओं का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे।
किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, सहकारी समिति या कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर पंजीकरण सुनिश्चित कर सकते हैं।

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