✍️ गेवरा रोड रेलवे स्टेशन से कोविड काल से पहले संचालित होने वाली पाँच महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों का परिचालन आज तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। वर्तमान में केवल दो ट्रेनों के संचालन से क्षेत्रीय यात्रियों, कर्मचारियों और व्यापारिक वर्ग को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि गेवरा रोड स्टेशन से ट्रेनों के संचालन को लेकर पूर्व में छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन तथा विधायक प्रेमचंद पटेल द्वारा भी रेलवे विभाग को अनुशंसा पत्र भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अब तक यात्रियों को राहत नहीं मिल सकी है।
समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने कहा कि कई ट्रेनों को कोरबा रेलवे स्टेशन तक सीमित कर दिया गया है, जबकि उन्हें पूर्व की तरह गेवरा रोड तक चलाया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से सुबह 8 बजे चलने वाली कोरबा-रायपुर ट्रेन तथा रात्रि में कोरबा में समाप्त होने वाली गाड़ियों को गेवरा रोड तक विस्तारित करने की मांग की है।
गौरतलब है कि गेवरा क्षेत्र एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में से एक माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रमिक, अधिकारी, व्यापारी और आम नागरिक रेल सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में ट्रेनों की कमी से स्थानीय लोगों को यात्रा संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में रेल मंत्रालय से आग्रह किया गया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए कोविड पूर्व की तरह सभी पाँच ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू किया जाए तथा की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने कहा कि यदि समय रहते इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है।

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