
✍️ बिलासपुर रेंज में ASP से SI तक अधिकारियों की ट्रेनिंग, अब हर केस में अनिवार्य होगी 124 पॉइंट
**बिलासपुर:** हत्या जैसे गंभीर मामलों में अब आरोपियों का बच पाना मुश्किल होगा। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक **रामगोपाल गर्ग** ने ‘स्मार्ट विवेचना’ की नई रणनीति लागू करते हुए पुलिस अधिकारियों को सख्त और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
28 अप्रैल 2026 को आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण सत्र में रेंज के सभी जिलों के ASP से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों को आधुनिक जांच तकनीकों की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान आईजी गर्ग ने साफ कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि **वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसे सजा दिलाना** है।
🔍 **124 पॉइंट चेकलिस्ट से होगी जांच**
अब हर हत्या मामले में 124 बिंदुओं वाली एक विस्तृत चेकलिस्ट लागू की गई है। एफआईआर से लेकर चार्जशीट तक हर प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण अनिवार्य होगा, जिससे जांच में किसी भी तरह की तकनीकी गलती की गुंजाइश खत्म हो सके।
📱 ‘e-Sakshya’ ऐप से होगी वीडियोग्राफी**
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत अब हर जब्ती की कार्रवाई **e-Sakshya ऐप** के माध्यम से वीडियोग्राफी के साथ की जाएगी। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और गवाहों के मुकरने की स्थिति में भी केस मजबूत रहेगा।
– 🧪 **क्राइम सीन पर वैज्ञानिक जांच अनिवार्य**
* घटनास्थल को तुरंत सील किया जाएगा
* फोरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मौजूदगी में साक्ष्य जुटेंगे
* बिना ग्लव्स के किसी साक्ष्य को छूना पूरी तरह प्रतिबंधित
💻 **डिजिटल फॉरेंसिक पर खास जोर**
अब जांच में डिजिटल साक्ष्यों की अहम भूमिका होगी:
* Google Takeout, इंटरनेट हिस्ट्री, व्हाट्सएप लॉग्स की जांच
* 100 किमी तक के CCTV कैमरों की मैपिंग
* DVR से सीधे फुटेज जब्त कर कानूनी प्रमाण के साथ शामिल किया जाएगा
– 🧬 **DNA से जुड़ेगा आरोपी का लिंक**
मृतक के नाखून, बाल, कपड़े आदि से DNA सैंपल लेकर आरोपी की मौजूदगी वैज्ञानिक रूप से साबित की जाएगी।
🌙 **रात में भी होगा पोस्टमार्टम**
संवेदनशील मामलों में अब पर्याप्त रोशनी के साथ रात में भी पोस्टमार्टम किया जा सकेगा और इसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।
🔗 **Chain of Custody पर सख्ती**
साक्ष्यों के संग्रह से लेकर FSL तक भेजने की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो सके।
🎯 **लक्ष्य: 100% सजा दर**
आईजी रामगोपाल गर्ग ने निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद सभी हत्या मामलों की जांच इसी नई प्रणाली से की जाएगी। साथ ही पुलिस अब CCTNS, CDR, IPDR और IMEI जैसे तकनीकी साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग करेगी।
🧑✈️ **हर हफ्ते होगा प्रशिक्षण**
इस प्रशिक्षण सत्र का आयोजन वर्चुअल मोड में किया गया, जिसमें SSP मुंगेली भोजराम पटेल सहित सभी जिलों के अधिकारी शामिल हुए। आईजी गर्ग ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण हर सप्ताह अलग-अलग विषयों पर आयोजित किए जाएंगे।

देश दर्पण न्यूज़ 24×7 – खबरों का सटीक दर्पण।
यहाँ पाएँ ब्रेकिंग न्यूज़, ग्राउंड रिपोर्ट, एक्सक्लूसिव स्टोरी और फैक्ट-चेक — सबसे तेज़ और सबसे पहले।
हम लाते हैं भरोसेमंद जानकारी, ताकि आप रहें हर पल अपडेट।




