✍️ ग्राम सभा की अनुशंसा, मिशल बंदोबस्त और वर्ष 2011 के सर्वे के आधार पर रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग, SECL गेवऱा परियोजना से प्रभावित परिवारों ने उठाया सवाल।

कोरबा। SECL गेवऱा परियोजना की खनन गतिविधियों से प्रभावित ग्राम पंचायत भिलाई बाजार के भू-विस्थापित परिवारों के रोजगार का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। ग्राम पंचायत भिलाई बाजार की ओर से जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर प्रभावित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने तथा इस संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

आवेदन में कहा गया है कि ग्राम भिलाई बाजार के प्रभावित परिवार लंबे समय से रोजगार उपलब्ध कराने की मांग शासन-प्रशासन के समक्ष रखते आ रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत की ग्राम सभा द्वारा भी प्रभावित परिवारों के हित में अनुशंसा की जा चुकी है।
मंत्री के पत्र का दिया गया हवाला
ग्राम पंचायत द्वारा दिए गए आवेदन में वाणिज्यिक कर एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के पत्र का भी उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार मंत्री द्वारा 03 अगस्त 2025 को कलेक्टर कोरबा को पत्र भेजकर ग्राम भिलाई बाजार के भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया था।
आवेदन में दावा किया गया है कि पत्र में मिशल बंदोबस्तधारी परिवारों, ग्राम के वास्तविक मूल निवासी भू-विस्थापित परिवारों तथा वर्ष 2011 के सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना/सर्वे में दर्ज प्रभावित परिवारों को रोजगार प्रक्रिया में प्राथमिकता देने का विषय उठाया गया था।
“अब तक क्या कार्रवाई हुई?”—कलेक्टर से मांगा जवाब
ग्राम पंचायत की ओर से सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि मंत्री के पत्र के बाद जिला प्रशासन द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई। आवेदन में यह जानकारी भी मांगी गई है कि मंत्री के पत्र को किस अधिकारी या विभाग को भेजा गया और इस मामले में SECL की ओर से कोई जवाब प्राप्त हुआ है या नहीं।
आवेदनकर्ताओं ने कहा है कि यदि मंत्री द्वारा कलेक्टर को पत्र भेजे जाने के बावजूद प्रभावित परिवारों के रोजगार को लेकर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, तो यह गंभीर विषय है।
तीन प्रमुख मांगें रखीं
ग्राम पंचायत भिलाई बाजार की ओर से कलेक्टर के समक्ष मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गई हैं—
पहली, मंत्री लखन लाल देवांगन के 03 अगस्त 2025 के पत्र पर अब तक हुई संपूर्ण कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
दूसरी, ग्राम पंचायत भिलाई बाजार की ग्राम सभा द्वारा की गई अनुशंसा/प्रस्ताव को रोजगार प्रक्रिया में विधिवत शामिल कर उस पर निर्णय लिया जाए।
तीसरी, ग्राम भिलाई बाजार के मिशल बंदोबस्तधारी परिवारों की सूची तैयार अथवा सत्यापित कर उन्हें रोजगार के लिए प्राथमिकता के आधार पर पात्रता में शामिल किया जाए।
लिखित जानकारी देने की भी मांग
आवेदन में प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि प्रभावित परिवारों को लिखित रूप से बताया जाए कि मंत्री के पत्र पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है और रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
ग्राम पंचायत का कहना है कि प्रभावित परिवारों के हित में ग्राम सभा की अनुशंसा, मिशल बंदोबस्त तथा वर्ष 2011 के सर्वे/जनगणना में दर्ज वास्तविक प्रभावित परिवारों के आधार पर रोजगार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
10 अगस्त 2026 को दिए गए इस आवेदन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी (राजस्व), कटघोरा तथा कटघोरा क्षेत्र के विधायक प्रेम चंद पटेल को भी प्रेषित की गई है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मांग और मंत्री के पूर्व पत्र के संबंध में क्या कार्रवाई करता है और प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार के मुद्दे पर कब तक स्पष्ट जवाब मिलता है।

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