✍️ कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत भिलाई बाजार के भू-विस्थापित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग अब शासन स्तर तक पहुंच गई है। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने इस संबंध में कलेक्टर कोरबा को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक 425/मंत्री/वाणि./उद्योग/वाणि. कर (आब.)/श्रम, दिनांक 03 अगस्त 2026 के अनुसार, ग्राम पंचायत भिलाई बाजार के समस्त ग्रामवासियों एवं भू-विस्थापित परिवारों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर कोरबा को अग्रेषित किया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि एसईसीएल की गेवरा परियोजना के विस्तार के तहत ग्राम भिलाई बाजार का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे अनेक परिवार प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में मिसल बंदोबस्तधारी तथा ग्राम के वास्तविक मूल निवासी भू-विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
इसके साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के आधार पर ग्राम के अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों को रोजगार का लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विस्थापन से प्रभावित लोगों को उचित पुनर्वास और आजीविका का अवसर मिल सके।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने पत्र में कलेक्टर को निर्देशित किया है कि ग्राम भिलाई बाजार के वास्तविक पात्र एवं भू-विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब भू-अधिग्रहण और विस्थापन से जुड़े मामलों में स्थानीय ग्रामीण लगातार रोजगार, पुनर्वास और अधिकारों की मांग उठा रहे हैं। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के साथ रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।

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