✍️ सभापति नंदकुमार कंवर का बड़ा खुलासा — वायरल वीडियो की दोबारा जांच, कई ग्राम पंचायतों में भौतिक सत्यापन और तत्काल बर्खास्तगी की मांग।

कोरबा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जनपद पंचायत कोरबा के महिला एवं बाल विकास सभापति नंदकुमार कंवर ने पूर्व प्रभारी ब्लॉक समन्वयक अभिषेक चौरसिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में अवैध वसूली, फर्जी जियो टैगिंग और गरीब हितग्राहियों के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है।
गरीबों के मकान पर कमीशन का खेल?
शिकायत के मुताबिक, ब्लॉक समन्वयक का प्रभार मिलने के बाद अभिषेक चौरसिया ने आवास मित्रों और रोजगार सहायकों पर कथित रूप से दबाव बनाकर फर्जी जियो टैगिंग कराई। आरोप है कि आवास निर्माण की राशि में आधा-आधा कमीशन वसूला गया और कई हितग्राहियों के खातों से पैसे निकलवाकर आवास को कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया।
शिकायत में वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कथित तौर पर पैसों की मांग से जुड़ी बातचीत सामने आई थी। आरोप लगाया गया कि पहले हुई जांच में पूरे मामले की लीपा-पोती कर मुख्य आरोपी को क्लीन चिट दे दी गई, जबकि अधीनस्थ कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई।
इन पंचायतों में जांच की मांग
सभापति ने ए्यांग, लेमर, लबेद, गिरारी, अमलडीहा, चिर्रा और नाकिया सहित कई ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी निर्माण कार्यों की भौतिक जांच कराने और दोषी पाए जाने पर अभिषेक चौरसिया को पद से पृथक कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन पर भी उठे सवाल।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पहले की जांच में वास्तविक दोषियों को बचाया गया और मामले को दबाने की कोशिश हुई। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।

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