✍️अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की 7 छोटी नौकाओं को डुबो दिया, जो कथित रूप से व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। इस दावे पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
👉 ट्रम्प की चेतावनी:
ट्रम्प ने ईरान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि उसके पास “दो ही विकल्प” हैं—या तो ईमानदारी से समझौता करे या आगे और सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया, तो “उन्हें धरती से मिटा दिया जाएगा।”
**होर्मुज में ‘ऑपरेशन फ्रीडम’:**
अमेरिका ने सोमवार को ऑपरेशन फ्रीडम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी अभियान के दौरान दोनों देशों के बीच झड़प की खबरें सामने आई हैं।
वहीं, ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण है और उसकी अनुमति के बिना कोई भी जहाज वहां से नहीं गुजर सकता।
UAE पर हमले और हताहत:
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोन को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से नष्ट कर दिया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अब तक 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को रोका गया है। इन हमलों में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 227 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारत के लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
स्कूल बंद, ऑनलाइन पढ़ाई शुरू:
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए दुबई के निजी स्कूलों को 5 से 8 मई तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस दौरान पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रखी जाएगी, ताकि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि बातचीत से ही संभव है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत जारी है और कूटनीतिक प्रयासों से ही समाधान निकलेगा।
**सीजफायर पर ट्रम्प का रुख:**
ट्रम्प ने UAE पर हुए हमले को युद्धविराम का उल्लंघन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह “बड़ा हमला नहीं था” और अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मामले की जांच जारी है।
**कनाडा का समर्थन:**
मार्क कार्नी ने UAE के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि कनाडा इस मुश्किल समय में उसके साथ खड़ा है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया।
होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। जहां एक ओर अमेरिका सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं ईरान बातचीत के जरिए समाधान की बात कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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