✍️ 30 जून 2026 तक केवाईसी अनिवार्य, नाम मिलान में गड़बड़ी से कई आवेदन हो रहे निरस्त
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी “महतारी वंदन योजना” के अंतर्गत पात्र महिलाओं के लिए निःशुल्क केवाईसी (KYC) अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सामुदायिक भवन मुडापार में निषाद सीएससी द्वारा केवाईसी शिविर का आयोजन किया गया, जहां सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

शिविर में उपस्थित महिलाओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बारी का इंतजार करते हुए केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई। सीएससी संचालकों द्वारा सभी पात्र हितग्राहियों का निःशुल्क केवाईसी किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो।

ज्ञात हो कि राज्य सरकार इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान कर रही है। हालांकि, हाल के दिनों में कई मामलों में लाभार्थियों के निधन या फर्जी तरीके से लाभ उठाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों में राशि का वितरण रोकने के लिए केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2026 तक सभी लाभार्थियों को केवाईसी कराना आवश्यक है। निर्धारित तिथि के बाद छूटे हुए हितग्राहियों का केवाईसी संबंधित परियोजना अधिकारी के माध्यम से किया जाएगा।
इसी बीच, कई महिलाओं को आधार और योजना में दर्ज नाम के बीच असंगति के कारण आवेदन निरस्त होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर सरकार के रुख को लेकर अभी स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने नहीं आए हैं, जिससे लाभार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वहीं, सीएससी संचालकों द्वारा निःशुल्क केवाईसी किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। योजना के तहत मिलने वाले कमीशन की राशि और उनकी दैनिक मेहनताना के बीच संतुलन को लेकर चर्चा जारी है कि क्या इससे उनके परिवार का भरण-पोषण संभव है या नहीं।

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