✍️ 👉🏻 अधिकृत गिरफ्तारी/बरामदगी की जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं
👉🏻 कबाड़ियों की शह पर बढ़ रही चोरी की वारदातें, व्यापारियों में आक्रोश
**कोरबा।** जिले में एसी (AC) के उपकरणों की लगातार हो रही चोरी के मामलों में आखिरकार पुलिस हरकत में आई है। व्यापारियों के बढ़ते दबाव के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि गिरफ्तारी, बरामदगी और जप्ती को लेकर आधिकारिक जानकारी अब तक मीडिया को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
शहर में लंबे समय से अवैध कबाड़ कारोबार और नशे के नेटवर्क के सहारे चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई बरती गई, जिससे अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता गया।
बताया जा रहा है कि नशे के आदी युवकों द्वारा दुकानों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर एसी के कॉपर वायर और अन्य कीमती हिस्सों की चोरी की जा रही थी। इन घटनाओं से परेशान करीब 20 व्यापारियों ने मामले को गंभीरता से उठाते हुए छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले से मुलाकात की और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल साइबर सेल को सक्रिय किया और संदिग्धों की धरपकड़ शुरू की। सूत्रों के अनुसार, कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है, जिनका संबंध चोरी और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़ा बताया जा रहा है।
हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि पहले ही सख्ती दिखाई जाती तो चोरी की इतनी घटनाएं नहीं होतीं और उन्हें आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ता।
**अपुष्ट जानकारी में सामने आए नाम**
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों में दीपक साहू, वसीम मेमन और रमेश साहू के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। ये आरोपी रात के समय दुकानों को निशाना बनाकर एसी से कॉपर वायर निकालते थे।
पूछताछ में चोरी के इस नेटवर्क का लिंक राताखार क्षेत्र के एक कथित कबाड़ी से जुड़ने की बात सामने आई है। शुरुआती तौर पर ‘राजेश’ नाम के कबाड़ी का जिक्र हुआ है, हालांकि पुलिस इस पूरे एंगल की गहन जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों के पास से चोरी किया गया कॉपर वायर भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने शहर के किन-किन इलाकों में वारदात को अंजाम दिया और इसमें और कौन लोग शामिल हैं।
**मुख्य बाजार बन रहे निशाना**
सिटी कोतवाली क्षेत्र, पावर हाउस रोड, दीनदयाल मार्केट सहित कई प्रमुख व्यापारिक इलाकों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। कुछ मामलों में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद अपराधियों पर लगाम नहीं लग पाई थी।
**कबाड़ी नेटवर्क पर उठे सवाल**
व्यापारियों का मानना है कि चोरी की असली जड़ अवैध कबाड़ी हैं, जो चोरी का सामान खरीदकर इस पूरे नेटवर्क को बढ़ावा दे रहे हैं। जब तक इन पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी वारदातें रुकना मुश्किल है।
**पुलिस की चुप्पी से बढ़ी उत्सुकता**
रविवार दोपहर तक भी पुलिस की ओर से आधिकारिक खुलासा नहीं किए जाने से व्यापारियों में असंतोष और उत्सुकता दोनों बनी हुई है। सभी यह जानना चाहते हैं कि आखिर इस चोरी के पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह नेटवर्क संचालित हो रहा है।
कोरबा में एसी चोरी की बढ़ती घटनाएं केवल छोटे-मोटे अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर रही हैं। जब तक चोरी के माल की खरीद करने वाले कबाड़ियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाना चुनौती बना रहेगा।

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